हिन्दी कविता की समीक्षाएं

Saturday, 8 February 2020

समीक्षा १९

समीक्षा १७

एक पुस्तक .......
"कविता के झरनों पर" विविध भावों का इंद्रधनुष।

"कविता की झरनों पर" के कृतिकार श्री राजेश तिवारी पेशे से इंजीनियर हैं और विद्युत वितरण कंपनी में अपनी विशिष्ट सेवाओं के लिए चिर परिचित हैं। वे अपने प्रारंभिक जीवन काल से ही सुसंस्कृत परिवार और सुरम्य प्राकृतिक परिवेश में पले बढ़े हैं। कहते हैं "होनहार बिरवान के होत चिकने पात", अपनी किशोरवय मे ही इनमें भावों और संवेदनाओं के बीज पड़े और वातावरण पाकर वे प्रस्फुटित हो गए। फलत: कलमकार की कलम से पुष्पित पल्लवित कृति "कविता के झरनों पर" आपके हाथों में है।
कृति के चार सर्ग हैं जिन्हें १ प्रेम, प्रकृति, स्पर्श २ बिरहाञ्चल पर्वत पर ३ कविता के झरनों पर तथा ४ मन की व्यथा नामित किया गया है। कृति के माध्यम से राजेश तिवारी जी ने काव्य जगत में अपनी धमाकेदार उपस्थिति दर्ज करवाई है। अधिकांश कविताओं में उनके जीवन के स्वानुभव और देखे गए साक्षात् परिदृश्यों का परिपक्व समावेश दिखाई देता है। किंचित रचनाओं में कृतिकार ने समाज में व्याप्त विसंगतियों और पीड़ा के प्रति व्याकुलता दिखाई देती है जिसमें उनकी सामाजिक चिंता और चिंतन स्पष्ट दिखाई पड़ता है। इसे बड़ी बेबाकी से उन्होंने निभाया है। अधिकांश कविताओं में रचयिता ने भाषा, छंद विन्यास, अलंकारिकता के अधिक झमेले में न पड़ कर भावनाओं, विचारों का काव्य चित्र प्रस्तुत किया है। कृतिकार की प्रकृति प्रेम को रेखांकित करती कविताएं "कविता के झरनों पर" है। कुनैन की तरह अमृत कलश में "विषपायी विषदंश लिए होठों पर" करारा व्यंग्य करती है। सूखा हुआ पेड़ वातावरण में आ रही विकृति की चिंता स्पष्ट करती है। "प्रेम प्रकृति स्पर्श" और "बिरहाञ्चल पर्वत पर" कोमल श्रृंगार की संकल्पना से हृदय को छू जाती है  "मेरे गांव से" रचना में कृतिकार का सपनों का गांव दिखाई देता है। "तृष्णा की प्यास" और "दुनिया की माया" में अध्यात्म झलकता है। सास बहू संबंध और बेटे की चाह में संबंधों का कटु सत्य उजागर होता है। कुल मिलाकर बहु आयामी कृति पाठकों के लिए एक सकारात्मक संग्रह प्रस्तुत करने का प्रयास है। 
हृदय से अभिनंदन करते हुए श्री राजेश तिवारी को शुभकामना है कि वे शतायु होवें और हिंदी साहित्य की निरंतर सेवा करते रहें।
 
शुभेच्छु 
रामनारायण सोनी

(कल की कड़ी इनकी इसी पुस्तक से ली गई एक कविता की समीक्षा प्रसारित होगी)

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